
लखनऊ: लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर पुलिस के कड़े पहरे और बैरिकेडिंग को तोड़कर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंट (JPNIC) के अंदर घुस गए। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और फोटो भी खिंचवायी। जिसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज़ कसते हुए कहा कि भाजपा राज में स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना किसी ‘दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन’ लड़ने से कम नहीं है।
दरअसल, बीते कुछ सालों से जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर भाजपा और सपा के बीच टकराव देखने को मिला है, क्योंकि सपा सरकार में बनें जयप्रकाश नारायण की जयंती पर JPNIC के अंदर जाने से पूर्व सीएम अखिलेश यादव को रोका जाता रहा है। 2024 में जब उन्हें रोका गया तो अखिलेश बैरिकेट और गेट फांदकर परिसर में दाखिल हुए थे और उन्होंने जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था। इस बार सपा नेताओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गयी थी, लेकिन कड़े पहरे और पाबंदियों के बावजूद सपा कार्यकर्ता और छात्र नेता चकमा देकर परिसर के भीतर दाखिल होने में कामयाब रहे। समाजवादी पार्टी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा समेत करीब 10 सपा कार्यकर्ताओं ने JPNIC परिसर में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा राज में स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना किसी ‘दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन’ लड़ने से कम नहीं है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन! जिन भाजपाइयों के वैचारिक पूर्वजों ने देश के दुश्मनों के लिए मुख़बिरी की हो, वो स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान क्या करेंगे।”
भाजपा राज में स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना किसी ‘दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन’ लड़ने से कम नहीं है।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन!
जिन भाजपाइयों के वैचारिक पूर्वजों ने देश के दुश्मनों के लिए मुख़बिरी की हो, वो स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान क्या करेंगे। https://t.co/G8KxFQH9nj
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 11, 2026



