
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी के एकता दिवस पर दिए भाषण पर पलटवार किया है। जिसमें उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते कहा था कि विरोध प्रदर्शन की आड़े में देश के विभाजन की साजिश रच रही हैं और सोशल मीडिया का इस्तेमाल हथियार की तरह किया जा रहा है। वहीं, राहुल ने दावा किया है कि मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बनें हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को एक्स पोस्ट में लिखा, “मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए। आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने। और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं। आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है। विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है। मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं। कोई भी मंच, किसी भी समय। हिम्मत है तो आइए। आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं आप उससे डरते हैं।”
Mr Modi, stop lying to this nation.
You became PM because of foreign help. You remain PM because of foreign help.
Your financial system is fully controlled and supported by foreigners. Foreign social media fully backs you.
I challenge you to an open debate about this. Any stage, any time. Come if you have the guts.
You won’t dare, because you are terrified of what I know about you.
मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए।
आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने। और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं।
आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है। विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है।
मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं। कोई भी मंच, किसी भी समय। हिम्मत है तो आइए।
आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं आप उससे डरते हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 2, 2026
पीएम मोदी का पूरा बयान क्या था?
गुजरात के एकता नगर में पीएम मोदी ने 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में कहा था- “लोकतन्त्र में विरोध पक्ष का दायित्व सरकार की नीतियों का विरोध करना है, लेकिन, ये हमारा दुर्भाग्य है, इस समय देश में विरोध पक्ष, अपना कर्तव्य त्यागकर, विरोध के बजाय अवरोध पक्ष बन चुका है। अपनी हताशा और निराशा में ये लोग देश के विकास के सामने अवरोध खड़े कर रहे हैं। ये विरोध नहीं है, ये अवरोध है। इन्होंने इसी को अपनी राजनीति बना लिया है। ये लोग संविधान की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ये ताक़तें लगातार देश में विभाजन की साज़िशों में लगी हैं। माँ भारती की संतानों को आपस में बांटने और लड़वाने के कुचक्र रचे जा रहे हैं। एक दशक से अधिक की हताशा और निराशा के कारण, ये लोग अब खुलकर सामने आ गए हैं। कौन विदेश में गुप्त रूप से किससे मिल रहा है, भारत विरोधी ताक़तें किसे समर्थन दे रहीं हैं, कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है, हमें इन सभी patterns को पहचानना होगा। हमें एकजुट होकर इनका मुक़ाबला करना होगा। खासकर, सोशल मीडिया को जिस तरह हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, अफवाहें फैलाई जा रहीं हैं, भारत की छवि को खराब करने की कोशिशें हो रहीं हैं, देशवासियों को साथ मिलकर इनसे निपटना होगा। हमने सुदूर इलाकों में नक्सलवाद का अंत कर दिया है। लेकिन, अभी दिमागी नक्सल का खतरा देश के ऊपर से टला नहीं है। देश को इन दिमागी नक्सलियों से हमेशा सतर्क रहना है।”



