
लखनऊ: एसजीपीजीआई के कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को निदेशक डॉ. आरके धीमन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान निदेशक हाथ बांधे खड़े नजर आए। इस दौरान नाराज कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने उनसे कहा कि आप जैसे डायरेक्ट की जरूरत नहीं है। आप रिजाइन कर दीजिए। भर्ती समेत दूसरी जांच करने की भी धमकी दी।
दरअसल, आगामी 28 नवंबर की गवर्निंग बॉडी बैठक में धरना स्थल और अनुमति का एजेंडा लाने पर कर्मचारियों में नाराजगी है। वहीं, कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों के आह्वान पर सोमवार सुबह 11 बजे निदेशक का घेराव किया और उन्होंने निदेशक से दो टूक कहा कि काम हम संस्थान में करेंगे और अपनी बात कहने या धरना-प्रदर्शन के लिए बाहर जाना पड़े, यह सरासर हमारी आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महासंघ ने इसे कर्मचारियों की आवाज दबाने और उत्पीड़न की कोशिश बताया है। निदेशक ने एजेंडे को गलत तरीके से लाए जाने की बात स्वीकार की, दुर्व्यवहार के मुद्दे पर खेद जताया है। कर्मचारी महासंघ ने निदेशक का घेराव कर परीक्षा में अव्यवस्थाओं और कर्मचारियों से दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
VIP कल्चर, मानकीकरण और लंबित मांगों पर चर्चा कर निदेशक के आश्वासन और खेद जताने के बाद घेराव समाप्त हुआ। महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार, महामंत्री सीमा शुक्ला के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।



