
लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और जनहित से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। इस सीएम ने अधिकारियों को खुद अपने क्षेत्रों में उतरने और लोगों की समस्या का समाधान 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
त्योहारों में लोगों को न हो कोई दिक्कत
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक वरिष्ठ अधिकारी खुद क्षेत्र में उतरें, जनता से सीधा संवाद करें और उसकी समस्याओं के समाधान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र के दृष्टिगत प्रदेश में स्थित शक्तिपीठों और प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त कार्मिक तैनात किए जाएं। इन स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाए।
सीएम ने शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश, साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, नाव, कुशल गोताखोर और जल पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए। शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और चिकित्सा दल उपलब्ध रहें।
सीएम ने प्रमुख स्थलों की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी के साथ सोशल मीडिया पर भी सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें न लगने दी जाएं। परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन करे और बस स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखे।
महिला सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के साथ आवश्यक सहायता, परामर्श और विधिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। स्टंटबाजी करने वालों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया जाए और एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज की जाए, ताकि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के निर्देश
अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि कोई भी सहकारी समिति खाद के अभाव में स्टॉक विहीन न रहे। जिलाधिकारी स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप खाद आवंटन के लिए कृषि विभाग को समय से सूचित करें।अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को नियमानुसार तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए। अगले 48 घंटे के भीतर वर्षा से हुए नुकसान और राहत वितरण की पूरी जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। जिन परिवारों के आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए।



