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SC मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार

EC Rift: सुप्रीम कोर्ट ने भारत चुनाव आयोग के काम करने के तरीके को चुनौती देने वाली याचिका (Petition) पर जल्द सुनवाई करने पर सहमति जताई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक मल्टी-मेंबर संवैधानिक संस्था के तौर पर चुनाव आयोग को मिली शक्तियों (Powers) का इस्तेमाल कानून के तहत ज़रूरी सामूहिक फ़ैसला (Collective Decision) लेने की प्रक्रिया का पालन किए बिना किया जा रहा है। CEC ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग (ECI) की ओर से एकतरफा फैसले लिए, जबकि अन्य दो चुनाव आयुक्त- सुखबीर सिंह संधू (Sukhbir Singh Sandhu) और विवेक जोशी (Vivek Joshi) – की मंजूरी नहीं ली गई थी।

सीनियर वकील विकास सिंह (Vikas Singh) ने CJI की अध्यक्षता वाली बेंच (Bench) के सामने इस मामले को जल्द लिस्ट करने की बात रखी। इस याचिका (Petition) का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “बहु-सदस्यीय आयोग बनाने का मकसद यही था – और कानून भी यही कहता है – कि फैसले सर्वसम्मति (Consensus) या बहुमत (Majority) से लिए जाएं। अब, जिस तरह से चुनाव आयोग (Election Commission) ने काम किया है, उससे इस बात पर गंभीर संदेह पैदा होता है कि क्या ‘विशेष गहन संशोधन’ की पूरी प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग का कोई फैसला  था भी या नहीं। क्योंकि अगर आयोग ने सर्वसम्मति से फैसला नहीं लिया है, तो यह… कोर्ट ने भी जो फैसला लिया है, वह इस आधार पर लिया है कि यह आयोग का फैसला है। इसलिए यह एक गंभीर मुद्दा है।”

CJI ने निर्देश दिया, “इसे अगले हफ्ते लिस्ट करें।” याचिका में ‘को वारंटो’ (Quo Warranto) रिट (Writ) की मांग की गई है, जिसमें CEC से यह बताने को कहा गया है कि उन्होंने किस अधिकार (Authority) के तहत काम किया है और काम करना जारी रखा है, मानो वे अकेले ही उस सामूहिक निर्णय लेने की शक्ति का इस्तेमाल करने के हकदार हों, जो संविधान के अनुच्छेद 324 (Article 324 of the Constitution) के तहत एक संस्था (Institution) के तौर पर चुनाव आयोग को दी गई है।

ECI में मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं। फिलहाल, ज्ञानेश कुमार CEC के तौर पर काम कर रहे हैं, जबकि सुखबीर सिंह संधू (Sukhbir Singh Sandhu) और विवेक जोशी (Vivek Joshi) दो चुनाव आयुक्त हैं। जब भी तीनों के बीच सर्वसम्मति (Consensus) नहीं होती है, तो फैसले बहुमत (Majority) के आधार पर लिए जाते हैं।

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