
लखनऊ। “मैंने कहा था, “गिनते रहिए, हम अगले 6 महीने में 1 लाख नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे।” ये बातें सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में 28 फॉरेंसिक अधिकारियों के नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में कही। जिनका चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की ओर से किया गया।
सीएम योगी ने कहा कि आज फॉरेंसिक अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र वितरण उस प्रक्रिया की न तो पहली कड़ी है और न ही अंतिम; यह उसके मध्य की कड़ी है। कल भी उत्तर प्रदेश पुलिस में एक बड़े नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि नवचयनित फॉरेंसिक अधिकारी वैज्ञानिक साक्ष्यों के माध्यम से न्याय व्यवस्था को अधिक सशक्त और सुशासन को अधिक प्रभावी बनाने के सारथी बनेंगे।
सीएम ने यह भी कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों में स्पष्ट था कि सात वर्ष से ऊपर की किसी भी सजा के लिए फॉरेंसिक एविडेंस आवश्यक है। हमें फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र करने में दक्ष 500 पुलिस अधिकारियों की आवश्यकता थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने नए कानून लागू होने से पहले ही उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) की स्थापना कर इस दिशा में तैयारी प्रारंभ कर दी थी। आज हमें प्रसन्नता है कि निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए 600 से अधिक पुलिस अधिकारियों को फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है।



