
Petrol-Diesel Price Today: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत 99 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई। ये बढ़ोत्तरी पश्चिमी एशिया से तेल की आपूर्ति में रुकावट की आशंकाओं के बीच हुई है। हालांकि, 21 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।
दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के पास जहाजों पर हुए हमलों और लाल सागर में शिपिंग के लिए बढ़ते खतरों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। कच्चे तेल की कीमतों में हालिया उछाल ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी कुछ पाबंदियों को हटाने के फैसले से वैश्विक बाजार में और अधिक ईंधन पहुंचने की उम्मीदें जगी हैं। हालांकि, जारी भू-राजनीतिक तनाव और महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे के लिए खतरे, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकते हैं।
भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में हो सकती है बढ़ोत्तरी
भारत काफी हद तक आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है।ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं। अभी भी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने अब तक प्रमुख शहरों में खुदरा कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं किया है। लेकिन, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भविष्य में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जा सकते हैं। तेल कंपनियां महीने के पहले दिन ईंधन की कीमतों में बदलाव करती हैं। यानी नवंबर की शुरुआत में तेल कंपनियों के फैसले पर सभी नजर होगी।



