
लखनऊ। यूपी में 11 सीटों पर शिक्षक और स्नातक खंड के एमएलसी चुनाव का प्रचार आज थम गया है। जिसके लिए 23 अक्टूबर वोटिंग होनी है और 27 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इससे पहले पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अधिकारियों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि अधिकारी बनकर रहे, अगर पॉलिटिकल वर्कर बनकर रहेंगे तो जेल जाने की तैयारी रखें।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीएसए और डीआईओएस पर सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी बिना बेईमानी, धांधली या हेराफेरी के चुनाव नहीं जीत सकती है। जिस तरीके से सरकार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है और उनके माध्यम से डराने-धमकाने और बेइमानी का काम कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में जहां-जहां चुनाव हैं। ये अधिकारी लोगों को फोन कर रहे हैं।
लखनऊ में सपा प्रमुख ने आगे कहा कि बहुत लोगों पर जो तथ्य होंगे और जो प्रमाण बनेगा। इनके लिए जेल भेजने के लिए पर्याप्त होगा। इसलिए हमारी अपील है चुनाव आयोग और अधिकारियों को… चुनाव इस बात का ध्यान दे कि वोट चोरी न हो और हेराफेरी न… चुनाव आयोग निष्पक्ष बनकर रहे और अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि अधिकारी बनकर रहें अगर पॉलिटिकल वर्कर बनकर रहेंगे तो जेल जाने की तैयारी रखें। इस दौरान अखिलेश ने शिक्षा विभाग की भर्ती और ट्रांसफर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।



