
बलरामपुर : प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी सहित आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि समाज के हर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे विकसित भारत के निर्माण में अपनी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। ये बातें सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को बलरामपुर में ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल के अंतर्गत स्टडी टेबल एवं आशीर्वाद-पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान कहीं।
सीएम योगी ने इस मौके पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली बालिकाओं को ट्रैक सूट और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया और कहा कि आज शारदीय नवरात्रि की प्रथम तिथि और जगत जननी माँ भगवती की शैलपुत्री के रूप में उपासना का दिन है। यह अद्भुत संयोग है कि आज ही अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस भी है। प्राचीन काल से ही भारत में ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ यानी जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवी-देवताओं का वास स्वतः ही हो जाता है,की यह मान्यता रही है। बेटी हो, बहन हो या कोई महिला, उसकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान इसी क्रम में संचालित हो रहा है, जिसकी थीम है—महिला की सुरक्षा, उसका सम्मान और स्वावलंबन।”
प्रदेश में लड़कियों के लिए चलायी जारी योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा, “प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक ₹25,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र बेटियों के विवाह के लिए ₹1,00,000 की आर्थिक सहायता का प्रावधान है।” उन्होंने कहा, “ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हमने प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बेहतर फ्लोरिंग, फर्नीचर एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए धनराशि उपलब्ध कराई है। स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं। प्रतिवर्ष दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, स्वेटर एवं जूते-मोजे के लिए भी अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है। आज हम 1 करोड़ 60 लाख बच्चों को यह सुविधा उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं।”



