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फांसी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे मुस्कान और साहिल, नीले ड्रम कांड में जिला कोर्ट ने सुनाई थी मौत की सजा

प्रयागराज। नीले ड्रम हत्याकांड नाम से मशहूर सौरभ राजपूत हत्याकांड की दोषी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मेरठ की कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। अब इस सजा के खिलाफ दोनों दोषियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मुस्कान और साहिल ने लोवर कोर्ट के फैसले को रद्द करने की मांग की है।

दरअसल, मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 की रात को हुई थी। इस मामले में पुलिस ने पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि दोनों पहले सौरभ की हत्या की फिर अपने जुर्म पर पर्दा डालने के लिए दोनों ने उसके शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में डाला और उस पर सीमेंट डाल दिया। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर मेरठ की कोर्ट ने दोनों को दोषी करार दिया था।

14 अक्टूबर को मेरठ के जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी और कुल 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया था। अब हाईकोर्ट में अपील के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।

जेल प्रशासन के अनुसार, मुस्कान और साहिल की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किया गया है। वकालतनामे पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और जिला अदालत के फैसले की प्रति भी अधिवक्ता को भेज दी गई है। वहीं, मुस्कान ने अपनी दोनों बेटियों के भविष्य और पालन-पोषण का हवाला देते हुए माफी की मांग की है।

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