
लखनऊ। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन के दौरान दो तरीके से अपात्रों द्वारा इसका लाभ उठाने की बात सामने आयी है। जिसमें पति-पत्नी और 2019 के बाद जमीन खरीदने वाले इसका लाभ उठा रहे थे। अकेले लखनऊ में करीब 4000 संदिग्ध लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं। कृषि विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी है और अपात्रों से योजना की राशि की वसूली भी की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 4,000 संदिग्ध लाभार्थियों में से 2,750 ऐसे मामले हैं जहां पति और पत्नी दोनों इस योजना का लाभ ले रहे थे। जबकि नियम के अनुसार, नियमों के अनुसार, इस योजना का लाभ प्रति परिवार (पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे) केवल एक ही सदस्य को मिल सकता है। इसके अलावा, फरवरी 2019 के बाद संपत्ति या जमीन खरीदकर योजना का लाभ लेने वाले अपात्र लोगों के नाम भी सूची में शामिल पाए गए हैं।
कृषि विभाग की ओर से न्याय पंचायत स्तर पर पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के नामों का सत्यापन किया जा रहा है। अपात्र पाए जाने पर नाम सूची से हटाए जाएंगे और गलत तरीके से ली गई राशि की वसूली (रिकवरी) भी की जा सकती है।



