
बरेली। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पूर्व सरकार पर शिक्षकों की भर्ती, सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए बेहतर व्यवस्था न करने का आरोप लगाया। सीएम ने कहा कि जब सरकार माफियामुक्ति का अभियान चलाती है तो सबसे ज्यादा तकलीफ समाजवादी पार्टी को होती है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बरेली क्लब ग्राउंड में एक भव्य शिक्षक सम्मेलन में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा, “शिक्षा से समाजवादी पार्टी का दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। उनका संबंध तो किसी माफिया, गुंडे, शोहदे या सड़क चाप छिनैती करने वाले से होगा। सपा का संबंध किसी शराफत वाली सोसाइटी, शिक्षित और सभ्य समाज से नहीं हो सकता, इसलिए इनमें समाज के प्रति संवेदना नहीं है।”
सीएम ने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में किसी गरीब या किसान को मुख्यमंत्री आवास पर नहीं बुलाया जाता था और किसी शिक्षक का सम्मान नहीं किया जाता था, बल्कि गुंडों और अपराधियों बुलाते थे। उन्होंने कहा, “इसलिए जब सरकार माफियामुक्ति का अभियान चलाती है तो सबसे ज्यादा पीड़ा समाजवादी पार्टी को होती है। इनकी संवेदना, किसान, गरीब, छात्र, महिला, व्यापारी और शिक्षक के लिए नहीं है। जब कोई माफिया मरता है तो सपा के लोग उनकी कब्र पर फातिया पड़ते हैं और आंसू बहाते हैं।”
इस मौके पर सीएम योगी ने शिक्षकों को “राष्ट्र-निर्माता” और “युग-निर्माता” कहा और छात्रों का भविष्य संवारने में उनकी भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि बेसिक और सेकेंडरी शिक्षा में शिक्षकों के 1.6 लाख से ज़्यादा पद खाली थे और छात्रों की उपलब्धियों में शिक्षकों के मार्गदर्शन के महत्व पर ज़ोर दिया।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अब रेवेन्यू-सरप्लस (राजस्व-अधिशेष) वाला राज्य बन गया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि शिक्षकों को स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा मुहैया कराना सरकार की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने बेसिक, सेकेंडरी, हायर और सेल्फ-फाइनेंस्ड शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाओं, और सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों के लिए 80 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये तक के सुरक्षा बीमा कवर का ज़िक्र किया।



