
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने योगी सरकार को 3 महीने के भीतर औद्योगिक, व्यावसायिक, आवासीय और साइलेंस जोन को स्पष्ट रूप से पहचान कर अधिसूचित करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2027 को होगी।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की बेंच ने ध्वनि प्रदूषण से संबंधित स्वतः संज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत निर्धारित ध्वनि सीमाओं का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों का वर्गीकरण जरूरी है। इसके साथ ही कोर्ट ने वाहनों में अवैध प्रेशर हॉर्न की बिक्री, स्थापना और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने निजी वाहनों में मनमाने ढंग से हूटरों के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई और स्पष्ट किया है कि हूटर का इस्तेमाल केवल अधिकृत सरकारी वाहनों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए ही होना चाहिए। सरकार को अगली सुनवाई से पहले की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश है। इस मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी, 2027 को होगी।



