
नई दिल्ली। दिवाली से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने 11,40,770 रेलवे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। कैबिनेट बैठक में इन कर्मचारियों को को 78 दिन का बोनस देने की मंजूरी दी गयी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस पर करीब ₹2,009 करोड़ खर्च होंगे।
दरअसल, केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को करीब 11,40,770 गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दी है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “आज कैबिनेट की बैठक में पहला फ़ैसला लगभग 11,40,770 रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर परफॉर्मेंस-लिंक्ड बोनस को मंज़ूरी देने का था। यह उन सभी मेहनती रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली का तोहफ़ा है जो दिन-रात काम करते हैं; जब हममें से बाकी लोग त्योहार मनाते हैं, तो वे ट्रैक्स पर, लोगों के बीच या वर्कशॉप में बिना थके काम कर रहे होते हैं। यह बोनस उन्हीं रेलवे कर्मचारियों के लिए है।”
रेलमंत्री ने आगे बताया कि कुल बोनस भुगतान लगभग ₹2,009 करोड़ है। रेलवे में अभी बड़े पैमाने पर भर्तियां चल रही हैं; लगभग 1,65,000 वैकेंसी की घोषणा की गई है और इनके लिए परीक्षाएं चल रही हैं। इसके अलावा, तीन पेंशन योजनाओं से इंदिरा गांधी का नाम हटाकर उनमें प्रधानमंत्री शब्द जोड़ने का फैसला लिया गया है।
बोनस का किसे मिलेगा लाभ
बोनस का लाभ ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, तकनीशियन और अन्य ग्रुप ‘C’ कर्मचारी को मिलेगा। रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाले PLB की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा ₹7,000 तय की गई है। इस आधार पर 78 दिन के बोनस की अधिकतम रकम ₹17,951 बनती है।



