
Bhadohi district New Name : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब भदोही जिला ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। यह घोषणा सीएम ने कारपेट एक्सपो मार्ट में 50वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के उद्घाटन के बाद भिखारीपुर मैदान में आयोजित जनसभा में की। जिसके बाद जनसभा में उपस्थित लोगों ने ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया। हालांकि, प्रदेश में भदोही का नाम बदलने की घटना पहली बार नहीं हुई है।
दरअसल, यूपी की सियासत में भदोही जिले के नाम को लेकर कई बार सियासत गरमाई है और नाम बदले हैं। इससे पहले भी जिले के नाम बदले गए हैं। चुनावी माहौल में योगी सरकार की ओर से इस नाम परिवर्तन के पीछे संत रविदास की महानता और उनके योगदान को मान्यता देना है। संत रविदास और दलित राजनीति का भारतीय समाज और चुनावी समीकरणों में एक गहरा ऐतिहासिक और वर्तमान संबंध रहा है। संत रविदास को जाति-विरोधी चेतना, समानता और सामाजिक समरसता का एक बड़ा प्रतीक माना जाता है। संत रविदास ने जाति-पांत और ऊंच-नीच के भेदभाव का कड़ा विरोध किया तथा दलितों और शोषितों को आत्मसम्मान के साथ जीने का मार्ग दिखाया।
32 साल में 5वीं बार बदला जिले का नाम
- 30 जून 1994 को मुलायम सिंह यादव सरकार ने वाराणसी से अलग कर नया जिला भदोही बनाया।
- 4 दिसंबर 1997 को मायावती सरकार ने इसका नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर’ कर दिया।
- 1999 में भाजपा सरकार के दौरान नाम ‘संत रविदास नगर भदोही’ किया गया।
- 2014 में अखिलेश यादव सरकार ने फिर से भदोही कर दिया।
- 2026 में योगी सरकार ने फिर से नाम बदला।



