
लखनऊ। सीएम योगी ने मंगलवार को कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रभु श्री राम की प्राणप्रिय नगरी अयोध्या जी उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का दंश झेल रही थीं। निर्दोष रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाली और पवित्र श्री हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाली सरकार को ‘राम की अयोध्या’ के विकास से क्या मतलब? प्रभु श्री राम की कृपा से वर्ष 2017 के बाद श्री अयोध्या जी में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया सूर्योदय हुआ।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीएम योगी ने दीपोत्सव की तैयारियों के बीच अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम अपने 10वें भव्य-दिव्य दीपोत्सव के स्वागत में पुलकित है। लाखों दीपों की अलौकिक आभा से जगमगाते सरयू तट, रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती मनोहारी झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस महोत्सव में त्रेतायुग की स्मृतियों को फिर से जीवंत करेंगी। हर दीप प्रभु श्री राम के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक होगा और हर लौ हमारी सनातन संस्कृति के गौरव का उद्घोष करेगी।”
उन्होंने आगे लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से रामनगरी अपने प्राचीन वैभव को पुनः प्राप्त कर रही है। भव्य-दिव्य श्री राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सुसज्जित रामपथ, नव्य घाट, आधुनिक सुविधाएं और सोलर सिटी के रूप में विकसित होती अयोध्या आज आस्था और आधुनिकता की अद्भुत संगम स्थली बन चुकी है। श्री राम नगरी के इस पुनर्वैभव की सबसे मनोहारी अभिव्यक्ति दीपोत्सव में दिखाई देती है।”
नया कीर्तिमान बनाने की तैयारी
7 नवंबर को अयोध्या के भव्य दीपोत्सव में रामनगरी के 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने के अलावा, इस आयोजन में स्वदेशी तकनीक से बने 2,100 ड्रोन्स के जरिए रामायण पर आधारित एक एरियल शो होगा। साथ ही, 2,147 लोगों द्वारा सरयू आरती भी की जाएगी। जिसको लेकर सीएम योगी ने कहा, “वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीपों से प्रारंभ हुई दीपोत्सव की यात्रा आज देश-दुनिया के करोड़ों रामभक्तों की श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक बन चुकी है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामभक्त दीप प्रज्वलन का विश्व कीर्तिमान बनाने को तैयार हैं।”



