
BSP News : बसपा से निकाले जाने के बाद मायावती के भतीजे आकाश आनंद के किसी दूसरे राजनीति दल में शामिल होने की अटकलें लग रही थीं। लेकिन, आकाश ने इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ किया है कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं। इसके साथ ही आकाश ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास के फैसले को सही बताया है।
मायावती के भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद ने शुक्रवार को बसपा से निष्कासन पर पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “परम आदरणीय बहन जी, आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं, और मेरी बुआ माँ भी हैं। राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया। इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूँ। पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई तरह की ख़बरें और अफ़वाहें चल रही हैं। मैं साफ़ कर देना चाहता हूँ: मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा। न आज, न कभी। BSP मेरे लिए सिर्फ़ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है।”
अशोक सिद्धार्थ का निष्कासन और संन्यास सही : आकाश आनंद
अपने ससुर को बसपा से निकालने और उनके राजनीति से संन्यास के फैसले पर आकाश ने कहा, “श्री अशोक सिद्धार्थ जी को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास का आपका फ़ैसला पूरी तरह उचित है, और मैं उस फ़ैसले के साथ खड़ा हूँ। रिश्ते अपनी जगह हैं, पर मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी ज़िम्मेदारी है।”
मायावती की पोस्ट को रिपोस्ट न करने पर दी सफाई
बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से निकालते समय कहा था कि वह उनकी पोस्ट को रिपोस्ट नहीं करते। इस पर भतीजे आकाश ने सफाई देते हुए कहा, “उस समय मैंने ख़ुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपके उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया। मेरी उस चुप्पी को ग़लत समझा गया, और अफ़वाहों को जगह मिली। अगर इससे आपको ठेस पहुँची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूँ।”
फिर से मांगा एक और मौका
मायावती से आकाश आनंद ने कहा, “मैं सिर्फ़ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूँ। विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है, और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूँगा। बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता, और आपका नेतृत्व। यही मेरी राजनीति है। जय भीम। जय बसपा।”



