
EC and SIR Controversy: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कथित तौर पर चुनाव आयोग में मनमानी और SIR के फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। कांग्रेस और सपा समेत तमाम विपक्षी दलों के नेता उन पर भाजपा के साथ मिलकर वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। लेकिन, भाजपा और उसके सहयोगी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ खड़े नजर आए हैं। इसी कड़ी में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ज्ञानेश कुमार को निर्दोष बताया है।
एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने चुनाव आयोग में मतभेद की खबरों और SIR पर छिड़े विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। वोट चोरी के आरोपों पलटवार करते राजभर ने कहा कि वोट चोरी की शुरुआत सबसे पहले कांग्रेस ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंडित नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी तक अलग-अलग समय में कांग्रेस ने वोट चोरी करके प्रधानमंत्री पद हासिल किया और सरकार बनाई। जो लोग खुद चोरी करते हैं वो दूसरे को चोर ही समझते हैं। कैबिनेट मंत्री ने SIR को सही ठहराते हुए कहा कि उनके विधानसभा में 16 हजार मृतक थे, लेकिन सपा कांग्रेस के लोग स्वर्ग और नरक जाने का रास्ता बनाए हुए थे। इनके नाम पर फर्जी वोट डलवाते थे तो इन विपक्षी दलों को वोट मिलता था।
इस दौरान जब राजभर से पूछा गया कि क्या आप ज्ञानेश कुमार को निर्दोष मानते हैं तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा- “बिल्कुल निर्दोष हैं।” इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र में SIR प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग की सराहना की। फिलहाल, देश की राजनीति में चुनाव आयोग और SIR का मुद्दा गरमाया हुआ। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग में बाकी दो आयुक्तों ने पिछले 10 महीने में 14 बार आपत्तियां दर्ज करायी थीं। इस दौरान SIR के फॉर्म 6 को लेकर भी सवाल खड़े किए गए थे। इस रिपोर्ट ने विपक्ष को भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को घेरने का मौका दे दिया है।


