
चंदौली। ‘दलित समाज के प्रति प्रतिबद्धता का आकलन रोजगार, आरक्षण, जमीन, मजदूरों के मानदेय और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर किए गए काम से होना चाहिए।’ ये बातें असंगठित मजदूर मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश गौतम ने अपनी जनता पार्टी के चंदौली स्थित कार्यालय पर असंगठित मजदूरों और अंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े लोगों की बैठक में कही।
असंगठित मजदूर मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दल सिंगार की अगुवाई में हुई इस बैठक में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और मानसिक गुलामी से मुक्ति जैसे गंभीर मुद्दों पर परिचर्चा हुई। इस दौरान बैठक में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और संविधान के महत्व पर चर्चा के साथ इस बात जोर दिया गया कि समाज में वास्तविक बदलाव के लिए केवल प्रतीकात्मक सम्मान पर्याप्त नहीं है। वंचित वर्गों को शिक्षा, रोजगार, आर्थिक अवसर और निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी मिलना भी जरूरी है।

प्रतीकात्मक राजनीति पर सवाल उठाते हुए रमेश गौतम ने कहा कि बाबा साहब के प्रति सम्मान तभी सार्थक होगा, जब उनके विचारों को सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों के रूप में जमीन पर उतारा जाएगा। गौतम के अनुसार, दलित और वंचित समाज अब अपने अधिकारों और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर अधिक जागरूक हो रहा है।
बैठक में वंचित समुदायों और असंगठित मजदूरों की समस्याओं पर संवाद स्थापित करने तथा सामाजिक बदलाव के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया। इस बैठक में अपनी जनता पार्टी के प्रदेश सचिव अर्जुन प्रसाद आर्य, चंदौली जिलाध्यक्ष सुजीत कुमार मौर्य और एएमएम जिलाध्यक्ष राकेश कुमार मौजूद रहे।
इसके अलावा, बैठक में नसुमन कुमार, कंचन देवी, सोनी, पूनम देवी, माधुरी, शीला देवी, संतोषी देवी, दुर्गावती देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी, रश्मि अंबेडकर, वंशिका अंबेडकर, कुलदीप कुआन, रोहित जाटव, सुरकमपाल, शांति देवी, सोनवर्षा देवी, राकेश कुमार, राजकुमार, सतेंद्र, उर्वसी, रेखा, रश्मि, राजेश, बाबू और अमरजीत कुमार सहित अन्य लोगों ने बैठक में हिस्सा लिया।
