स्वास्थ्य

‘e-Sanjeevani योजना’ की ‘मन की बात’ में तारीफ, घर बैठे मिलती है फ्री OPD की सुविधा

e-Sanjeevani Scheme : अक्तूबर 2026 महीने के आखिरी रविवार (25 अक्टूबर) को पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 139वीं एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने ‘e-Sanjeevani योजना’ का भी जिक्र किया। जिसके चलते अंडमान-निकोबार में जारवा जनजाति के बच्चे की जान बच सकी। इसके अलावा, लक्षद्वीप में एक बीमार बुजुर्ग को एक्सपर्ट्स की सलाह से सही इलाज मिल पाया।

मन की बात में पीएम मोदी ने कहा, ‘e-Sanjeevani योजना’ इसका एक बहुत अच्छा उदाहरण है। इससे पता चलता है कि लोगों के जीवन को आसान बनाने में Technology का कैसे बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। मुझे ये देखकर बहुत संतोष होता हैं कि इसके जरिए अब तक करीब 50 करोड़ Tele-Consultation किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा बहुत बड़ा है। अंडमान-निकोबार के बाराटांग द्वीप में जारवा जनजाति के सात साल के ओहो-ताहाने को तेज बुखार था। सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। ऐसे में local health workers ने e-Sanjeevani के जरिए expert doctor से संपर्क किया। उस बच्चे को निमोनिया था और जैसे ही वो expert doctor की निगरानी में आया, उसकी स्थिति में तेजी से सुधार होने लगा। लक्षद्वीप के कल्पेनी में करीब 60 साल के कुन्ही कोया जी की तबीयत एक दिन अचानक बिगड़ गई थी। तब समुद्र के उस पार कवरत्ती में बैठे अनुभवी doctor से e-Sanjeevani के जरिए संपर्क किया गया। उन अनुभवी doctor ने local medical team को guide किया और कुन्ही कोया जी को राहत पहुंचाई।’

बता दें कि ‘e-Sanjeevani योजना’ केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही एक राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा है। इसके माध्यम से लोग घर बैठे सीधे ऑनलाइन (मोबाइल या कंप्यूटर) ओपीडी के जरिए डॉक्टर से मुफ़्त ऑडियो-वीडियो सलाह और दवा की पर्ची प्राप्त कर सकते हैं। इसे 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान लॉन्च किया गया था। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत काम करती है और आपके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एबीएचए आईडी से लिंक करने की सुविधा देती है। 16 अगस्त 2026 तक, ई-संजीवनी के माध्यम से देश भर में 49.3 करोड़ से अधिक लोगों का टेली-परामर्श किया जा चुका है।

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