
लखनऊ। फैजुल्लागंज समेत कई इलाके पिछले दो हफ्ते से बाढ़ की चपेट में है। राजधानी में बाढ़ और जलभराव से 5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। इस बीच, डेंगू ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। चार बड़े अस्पतालों में पिछले 24 घंटे में डेंगू के 34 मरीज मिले हैं। जिसने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे और जांच में डेंगू की पुष्टि हो रही है। पिछले 24 घंटे में 34 नए मरीज मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा केजीएमयू 14 मरीजों की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, लोहिया में 10, बलरामपुर 6 और सिविल में 4 डेंगू के मरीज मिले हैं। डेंगू में आम तौर लोगों को कूलर और गमलों में पानी जमा न होने देने की सलाह दी जाती है। ऐसे में उन इलाकों के लोगों के लिए बड़ी चुनौती है, जो पहले से ही बाढ़ का पानी इकठ्ठा हो रखा है।
डेंगू से बचने के उपाय
- कूलर, गमलों, बाल्टियों, पुराने टायरों और टूटे-फूटेंर्तनों में पानी जमा न होने दें।
- घर की पानी की टंकियों, ड्रमों और कंटेनरों को ढक्कन या बारीक जाली से अच्छी तरह बंद रखें।
- कूलर और पक्षियों के पानी के बर्तनों का पानी हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर साफ करें।
- हमेशा हल्के रंग के, ढीले और पूरे शरीर (हाथ-पैर) को ढकने वाले कपड़े पहनें।
- त्वचा पर डीईईटी, पिकारिडिन या लेमनग्रास/नीम के तेल वाले मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
- दिन में सोते समय या आराम करते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें।
- सुबह और शाम के समय घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, क्योंकि इस समय डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं।
- तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।



