
लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तरी क्षेत्रीय कार्यशाला ‘साधना शृंखला’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने RUPAAM को एआई सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के रूप में विकसित करने की घोषणा की। जिससे सरकारी अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा-संचालित नीति निर्माण की आधुनिक ट्रेनिंग मिल सकेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मैं तीन प्रकार की घोषणाएं यहां पर करना चाहूँगा। खास तौर पर यूपी एआई मिशन के अंतर्गत मैं कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन से कहूंगा कि उत्तर प्रदेश में कैपिसिटी बिल्डिंग के लिए हमारा जो RUPAAM (डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी) है उसको एआई सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है उस दिशा में कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन आगे प्रयास करेगा तो RUPAAM उसके लिए अपने-आपमें तैयार होगा।”
सीएम योगी ने अपनी अन्य दो घोषणाओं में पंचायतें और अर्बन बॉडीज के कार्मिकों की कैपिसिटी बिल्डिंग और ‘सही पद के लिए सही अधिकारी’ का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा, “हमारी जो पंचायतें और अर्बन बॉडीज हैं …. उनके कार्मिकों की भी कैपिसिटी बिल्डिंग के प्रयास की आवश्यकता है। अगर विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हमें आत्मनिर्भरता के उस लक्ष्य को ग्राम पंचायतों और नगर निकायों पर भी लागू करना पड़ेगा। ये नींव के पत्थर हैं और नींव के पत्थरों को और मजबूत करना होगा। वहां उनकी जवाबदेही भी तय करनी होगी और उन्हें नागरिक केंद्रित बनाना पड़ेगा।”
उन्होंने ने आगे कहा, “द राइट पर्सन फॉर द राइट रोल’ यानी सही पद के लिए सही अधिकारी। कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन इस दिशा में RUPAAM के साथ मिलकर करके हर कार्मिक और अधिकारी के लिए उसकी सक्सेस स्टोरी और उसके ACR के साथ जोड़ करके, प्रमोशन के साथ जोड़े और उसको सही स्थान पर जगह मिले- इसको उसके साथ जोड़ेंगे तो हमें नियुक्ति की प्रक्रिया में और आसानी होगी।”
इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह भी शामिल हुए। कार्यशाला में सरकारी कार्मिकों के प्रशिक्षण में देश में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों तथा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश के विभागों को सम्मानित भी किया गया।



