
नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित ‘चिन्मय अमृत महोत्सव’ के दौरान तकनीक का एक अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। जब पीएम नरेंद्र मोदी ने आधुनिक 3D होलोग्राफिक तकनीक (होलोबॉट) के माध्यम से स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के डिजिटल अवतार से बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने देश के विकास से जुड़े अपने भावी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आध्यात्मिक गुरु का आशीर्वाद मांगा।
दरअसल, चिन्मय मिशन की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस वैश्विक सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इस दौरान पीएम मोदी और 3D होलोग्राफिक तकनीक (होलोबॉट) के माध्यम से स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के डिजिटल अवतार के बीच संवाद हुआ। पीएम मोदी ने फरवरी 1993 में वडोदरा में स्वामी चिन्मयानंद के साथ हुई अपनी वास्तविक मुलाकात को याद किया, जहाँ उन्होंने स्वामी जी को शिकागो में ‘विश्व धर्म संसद’ (वर्ल्ड पार्लियामेंट ऑफ रिलीजन्स) की शताब्दी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। होलोग्राफिक अवतार ने मोदी को पीएम बनते देखकर खुशी जताई और उन्हें अपना आशीर्वाद दिया।
बता दें कि होलोग्राफिक या होलोबॉट (Holobot) एक ऐसी तकनीक है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और 3D होलोग्राम के जरिए किसी व्यक्ति का जीवंत डिजिटल रूप पेश करती है। शुक्रवार को भारत मंडपम में इसका एक उदाहरण देखने को मिला। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने सामाजिक बुराइयों से निपटने और बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा “दशकों में समय बदला है, नई चुनौतियां सामने आई हैं और नई सामाजिक बुराइयां पैदा हुई हैं। आज, इन समस्याओं को सुलझाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। हमें समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होना होगा, आत्मनिर्भर बनने के लिए लोगों प्रेरित करना होगा, हर व्यक्ति को 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन से जोड़ना होगा।”



