
Spain Train Accident : स्पेन में बुधवार को एक बड़ा रेल हादसा हुआ है। यहां पर एक हाई-स्पीड ट्रेन पटरी पर खड़ी दूसरी ट्रेन से टकरा गई। इस हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। इस साल यह रेल दुर्घटनाओं का दूसरा बड़ा और जानलेवा मामला है। कैस्टिला ला मांचा की क्षेत्रीय सरकार ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, रेल हादसे में 58 अन्य लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। बचाव दल मलबे में जीवित बचे लोगों और शवों की तलाश कर रहे हैं। यह हादसा जनवरी में दक्षिणी स्पेन में हुई एक और भीषण दुर्घटना के ठीक नौ महीने बाद हुआ है। उस हादसे में भी इन्हीं दो कंपनियों द्वारा संचालित हाई-स्पीड ट्रेनें शामिल थीं। हादसे वाली जगह पहुंचे स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा कि आज पूरा स्पेन शोक में है। उनकी सरकार तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा करेगी।
सांचेज़ ने हाई-स्पीड रेल प्रणाली में लोगों का भरोसा फिर से कायम करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की बात कही। यह रेल प्रणाली कभी देश के लिए गर्व का विषय हुआ करती थी।
स्पेन के रेल सिस्टम ऑपरेटर ADIF ने बताया कि यह हादसा बुधवार सुबह मध्य प्रांत टोलेडो में हुआ। इसमें सैकड़ों यात्रियों को ले जा रही दो हाई-स्पीड ट्रेनें शामिल थीं, जो मैड्रिड से दक्षिण-पश्चिमी स्पेन के सेविले की ओर एक ही दिशा में जा रही थीं। सरकारी कंपनी RENFE की एक ट्रेन, निजी कंपनी IRYO की एक दूसरी ट्रेन के पिछले हिस्से से टकरा गई, जो उस समय रुकी हुई थी। इस टक्कर के कारण दो गांवों के बीच ग्रामीण इलाके में ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए।
स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंटे ने कहा कि यह दुर्घटना एक सुरक्षा प्रणाली के फेल होने के बाद, स्पेन की ट्रेनों के सेंट्रल कमांड सेंटर से आए एक ऐसे आदेश के कारण हुई, जिसे उन्होंने “समझ से परे” बताया। उन्होंने कहा कि इसमें ट्रेन इंजीनियरों की कोई गलती नहीं थी। पुएंटे ने बताया कि सुबह 8:30 बजे, कंप्यूटर में खराबी के कारण 63 किलोमीटर (39 मील) के हिस्से में सुरक्षा प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया, जिससे उस रास्ते पर चल रही सभी ट्रेनें रुक गईं। लेकिन सेंट्रल कमांड ने ‘रेनफे’ (RENFE) ट्रेन को बिना किसी गति सीमा के फिर से चलने का निर्देश दिया, जिसके परिणामस्वरूप सुबह 8:53 बजे वह वहां पहले से रुकी हुई ‘इर्यो’ (IRYO) ट्रेन से टकरा गई।
पुएंटे ने कहा कि ट्रेन को दोबारा चलने का निर्देश नहीं दिया जाना चाहिए था, क्योंकि उस लाइन पर अभी भी एक “स्टॉप सिग्नल” सक्रिय था। और अगर ऐसा निर्देश दिया भी गया था, तो कम से कम ट्रेन को धीमी गति से चलने के लिए कहा जाना चाहिए था। पुएंटे ने बताया कि अधिकारी अभी भी इस बात की जांच कर रहे हैं कि ट्रेन कितनी तेज गति से चल रही थी, लेकिन ट्रैक के उस हिस्से पर इसकी रफ्तार 200 किमी प्रति घंटा (124 मील प्रति घंटा) हो सकती है। वह किसी पर जिम्मेदारी नहीं डाल रहा हैं, वह बस तथ्य बता रहे हैं।



