
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा है कि भाजपा अभी भी वोटर लिस्ट में हेराफेरी, धांधली, वोट की डकैती कर रही है। भाजपा विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट की धांधली करना चाहती है। समाजवादी पार्टी जैसे-जैसे वोटरलिस्ट की पड़ताल कर रही है, हर दिन वोटर लिस्ट में धांधली की नई-नई आश्चर्यजनक जानकारियां मिल रही है।
अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि सरोजनीनगर, आजमगढ़ से लेकर पीलीभीत तक विभिन्न विधानसभाओं में मतदाता सूची को लेकर अलग-अलग तरीके के मामले आ रहे हैं। अभी नई जानकारी आ रही है कि एक नाम की कई जिलों में इन्ट्री है। उन्होंने वोटरलिस्ट को आधार से जोड़ने की मांग करते हुए कहा कि वोटर लिस्ट की सुधार के साथ-साथ बायोमेट्रिक रीडिंग के लिए हर बूथ पर मशीने उपलब्ध करायी जानी चाहिए। हर बूथ पर बायोमेट्रिक डेटा पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड ऐसा बने जिसे कोई नकल करके न बना सके। अगर वोटर लिस्ट में सुधार और तकनीक का प्रयोग नहीं होता है तो इसका मतलब है कि भाजपा और चुनाव आयोग के दिल दिमाग में धांधली और वोट चोरी है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि एसआईआर के माध्यम से चल रही वोट फिक्सिंग बंद होनी चाहिए। अगर इस पर रोक नहीं लगी तो आम जनता का भरोसा चुनाव आयोग से उठ जाएगा। बता दें कि इस मौके पर भाजपा, बसपा समेत विभिन्न दलों को छोड़कर कई पूर्व विधायकों और प्रमुख नेताओं ने अपने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ सोमवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। इनमें बदायूं जिले के बिसौली सुरक्षित से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, दातागंज बदायूं से पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य, ब्लाक प्रमख बदायूं, कालीचरण उर्फ केसी शाक्य, बसपा से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रहे। इसके अलावा, बसपा छोड़कर पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी (पूर्व प्रत्याशी मुजफ्फरनगर लोकसभा), मेरठ से दारा सिंह प्रजापति, देवेश कुमार, प्रयागराज से पूर्व विधायक अजय कुमार, सीतापुर सेवता विधानसभा से बसपा से प्रत्याशी रहे चन्द्र प्रकाश मिश्र ने सपा का दामन थामा है।



