
कानपुर। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले घुसपैठ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पिछले दिनों सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इशारों-इशारों में सीएम योगी आदित्यनाथ को घुसपैठिया बताया था। जिस सीएम योगी ने सोमवार को जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि देश में दो मियां हैं और दोनों को बांग्लादेशी देशी घुसपैठियों से बड़ा प्यार है। सीएम का इशारा अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर था।
दरअसल, महर्षि वाल्मीकि जयंती के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कानपुर में ₹411 करोड़ से अधिक लागत की 48 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर दंगा फैलाने, परिवारवाद, बांग्लादेशी घुसपैठियों की मदद करने और गरीबों का हक छीनने का आरोप लगाया।
अखिलेश के घुसपैठिए वाले बयान पर सीएम योगी ने कहा, “मैं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष का एक बयान पढ़ रहा था। इस समय देश के अंदर दो मियां हैं एक छोटे मियां, एक बड़े मियां। छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से बड़ा प्यार है। ये बांग्लादेशी घुसपैठियों को गले लगते हैं और दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों और युवाओं का अपमान करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “ये लोग बांग्लादेश और पाकिस्तानी घुसपैठियों का समर्थन करते हैं और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को ही घुसपैठी बताकर उनका अपमान करते हैं… मैं पूछना चाहता हूं अखिलेश जी से आपको बांग्लादेशी घुसपैठियों से इतना प्यार क्यों है? आप और आपकी पार्टी घुसपैठियों का नाम जबरन डलवाकर (वोटर लिस्ट में) यहां के गरीबों का हक लूटने का काम कर रहें हैं। यही कारण था कि 2017 से पहले गरीब भूखों मरता था।”
बता दें कि सीएम योगी का ये बयान शनिवार को अखिलेश यादव के दिए बयान के पलटवार में आया है। जिसमें उन्होंने कहा था कि चैनलों में इन्वेस्टमेंट के माध्यमों से घुसपैठिए आ गए हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े घुसपैठिए उत्तराखंड के हैं। घुसपैठिया डिफाइन करना पड़ेगा, लेकिन उनके व्यवहार से, उनकी भाषा से हिंदुस्तानियत कमजोर नहीं हो सकती है।



