
लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द उनकी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की मौजूदगी में सीएम योगी ने उनके योगदान की सराहना की और कहा कि रामनाथ कोविन्द जी ने अभावों को बाधा नहीं, बल्कि संघर्ष और सफलता की सीढ़ी बनाया।
सीएम योगी ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां अनुकूल हों तो लोककल्याण एवं विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए और विपरीत हों तो चुनौतियों से पलायन करने की बजाय साहस एवं संकल्प के साथ उनका सामना करना चाहिए। संघर्ष से निखरकर ही व्यक्तित्व शिखर तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही है। प्रदेश में निर्मित 57,600 ग्राम सचिवालयों में लाइब्रेरी के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था की गई है, जहां गांव के बच्चे अध्ययन कर रहे हैं।
सीएम ने कहा कि अच्छी पुस्तकें व्यक्ति के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होती हैं। सोशल मीडिया पर रील बनाकर लाइक्स पाने के बजाय युवाओं को अपनी रियल लाइफ बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। यही प्रयास उनके जीवन को अधिक उपयोगी, सार्थक और सफल बनाने में सहायक होगा।



