उत्तर प्रदेश

रील बनाने की सनक में खत्म हो गया परिवार

लखीमपुर खीरी : रील बनाने के चक्कर में ट्रेन की चपेट में आने से दंपति और उनके इकलौते बेटे की मौत हो गई। तीनों इंजन के अगले हिस्से में फंसने के बाद दो सौ मीटर तक घिसटते चले गए। शवों के चीथड़े उड़ गए। वहां मौजूद लोग हादसा देखकर सन्न रह गए। सीतापुर के लहरपुर कस्बे के मो. अहमद (30) पत्नी नाजमीन (24) और ढाई साल के बेटे अरकम के साथ मंगलवार को हरगांव सीतापुर के क्योंटीकलां में ताजिये का 40वां मेला देखने आए थे। बुधवार सुबह आसपास घूमने के लिए बाइक से निकल गए। करीब 9:30 बजे वे 12 किमी. दूर ओयल क्षेत्र के गांव छोटी उमरिया खुर्द तक पहुंच गए।

बड़ी नहर के रेलवे पुल के नजदीक अहमद और नाजमीन मोबाइल फोन से रील बनाने लगे। बेटा मां की गोद में ही था। इसी समय लखनऊ-पीलीभीत पैसेंजर ट्रेन आ गई। यह देख दंपति भागे। हड़बड़ी में मासूम बेटा गोद से छिटककर पटरी पर गिर गया। उसे उठाने में तीनों उसकी चपेट में आ गए। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। चश्मदीद वेद प्रकाश ने बताया कि लोगों ने शोर मचाकर कहा कि नहर में कूद जाओ। हम बाहर निकाल लेंगे, लेकिन वे नहीं कूदे। दंपति बात मान लेते तो जिंदा होते। अहमद और नाजमीन की चार वर्ष पहले शादी हुई थी। उनकी जेब से मिले आधार से तीनों की पहचान हुई।

ट्रेन समीप आते देख मोहम्मद अहमद अचानक रेलवे पुल से भागने लगे। परिवार को साथ लेकर भागते अहमद को देखकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने चिल्लाते हुए उसे परिवार सहित नहर में कूद जाने की बात कही, लेकिन तेज रफ्तार ट्रेन और प्रेशर हार्न की वजह से शायद यह बात दंपति सुन नहीं पाए होंगे। या मौत सिर पर देखकर उन्हें कुछ सूझा नहीं और तीनों हादसे का शिकार हो गए। हादसे के बाद दो ट्रेनों के समय में भी परिवर्तन हो गया। गोरखपुर मैलानी एक्सप्रेस ट्रेन निर्धारित समय से करीब 40 मिनट देरी से लखीमपुर पहुंची। ट्रेन को हरगांव में करीब आधे घंटे तक रोके रखा गया। पीछे से आ रही डालीगंज-मैलानी पैसेंजर ट्रेन करीब एक घंटा देरी से पहुंची। उक्त ट्रेन को लखीमपुर 11:20 बजे पहुंचने का समय है। ट्रेन लेट होने की वजह से मुसाफिरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

Related Articles

Back to top button