
मथुरा : कान्हा की नगरी मथुरा में इस समय राधा अष्टमी की धूम मची हुई है। देश-विदेश से लाखों की संख्या में राधा रानी के भक्त बरसाना धाम पहुचे हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक करीब 10 लाख के आसपास श्रद्धालु राधा रानी के प्राकट्य उत्सव में शामिल हुए। इसके लिए जिला व पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारियों को पूरा करते हुए मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी को अपने-अपने पॉइंट्स पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए थे। राधाष्टमी पर राधारानी के दर्शन को पहुंची भीड़ से हालात बेकाबू हो गए। सुबह चार बजे सुदामा चौक के पास पुलिस ने भीड़ पर लाठियां बरसाईं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के बाद पुलिस के भीड़ प्रबंधन के इंतजाम पर सवाल उठ रहे हैं।
बुधवार को राधा अष्टमी को लेकर देश भर से श्रद्धालुओं का पहुंचना मंगलवार रात से ही शुरू हो गया था। सुबह चार बजे श्रद्धालुओं की भीड़ श्रीजी के जन्म दर्शन को राधारानी मंदिर जा रही थी। इस दौरान पुलिस मंदिर मार्ग पर जगह-जगह बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं को रोक-रोककर निकाला जा रहा था। इससे सुदामा चौक पर भीड़ एकत्र हो गई। अचानक भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि हालात संभालना मुश्किल हो गए। इसके बाद पुलिस ने लाठियां चलाकर हालात काबू किए। कुछ श्रद्धालु गिरकर चोटिल हो गए।

इस बार पुलिस प्रशासन ने कड़ी व्यवस्था की, लेकिन इससे श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोग घरों में कैद होकर रह गए। पुलिस प्रशासन ने एकल मार्ग की व्यवस्था की, लेकिन सही संचालन न होने के कारण श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत हुई। इसके चलते श्रद्धालु बड़ी परिक्रमा भी नहीं लगा सके। यहां आसपास के लोग दिन भर घरों में कैद रहे, उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया। राधारानी के जन्म के दौरान पीली कोठी तिराहा पर स्थित राधारानी मंदिर गेट पर भीड़ का सबसे ज्यादा दबाव था। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने बैरियर लगाकर भीड़ रोक दी। इस दौरान माइक पर नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि पदम सिंह फौजी बार-बार पुलिसकर्मियों से अनुरोध कर रहे थे कि भीड़ को न रोकें। भीड़ बैरियर कूदकर आगे बढ़ने लगी। इस दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।