
कानपुर : नानामऊ गंगा घाट पर स्नान करते समय शनिवार को गंगा में डूबे स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आदित्य वर्धन सिंह की तलाश जारी है। रविवार सुबह से उनकी तलाश में 30 गोताखोरों को लगाया गया है। लेकिन अब तक कोई पता नहीं पाया है। सहायक पुलिस आयुक्त बिल्हौर अजय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि 31 अगस्त को बिल्हौर थाना क्षेत्र में स्थित नानामऊ गंगा घाट पर स्नान करने लखनऊ के रहने वाले तीन व्यक्ति आदित्य वर्धन सिंह उर्फ गौरव पुत्र रमेश चंद्र सेक्टर 16 /1435 इंदिरा नगर लखनऊ मूल निवासी खमोली थाना बांगरमऊ उम्र करीब 45 वर्ष व अपने दो मित्रों के साथ आए थे। गंगा में स्नान करते समय आदित्य वर्धन सिंह उर्फ गौरव डूब गए। उनके मित्रों द्वारा शोर मचाए जाने पर गोताखोर व नाविकों द्वारा तलाश किये पर मिले नहीं। रविवार सुबह उनकी तलाश में एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश एवं फ्लड यूनिट की टीम की मदद से तलाश कराया जा रहा है।
पत्नी महाराष्ट्र के पुणे में जज, दो भाई भी हैं आईएएस
उत्तर प्रदेश में उन्नाव के बिल्हौर में गंगा स्नान करते समय डूबने वाले आईएएस अधिकारी आदित्यवर्धन सिंह बड़े संभ्रांत परिवार से संबंध रखते थे। आईएएस आदित्यवर्धन की तैनाती फिलहाल स्वास्थ्य विभाग में डायरेक्टर के पद पर थी। वहीं उनकी पत्नी महाराष्ट्र के पुणे में जज हैं । वहीं, उनके दो चचेरे भाई भी आईएएस अफसर हैं और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं। घटना की जानकारी मिलने के साथ ही प्रशासन ने गोताखोरों के मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया था, लेकिन अभी तक उनकी कोई खबर नहीं मिली है। मूल रूप से उन्नाव के बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र में कबीरपुर गांव के रहने वाले आदित्यवर्धन सिंह का पूरा परिवार इंदिरानगर लखनऊ में रहता है। इनके पिता रमेशचंद्र भी सिंचाई विभाग में बड़े पद से रिटायर हुए थे और रिटायरमेंट के बाद उन्होंने इंदिरानगर में अपना मकान बनवाया था।