
लखनऊ : बाल भवन पब्लिक स्कूल, मयूर विहार फेज-II, दिल्ली, में प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी विद्यालय ने अपनी बहुप्रतीक्षित वार्षिक प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कला और विज्ञान का एक भव्य उत्सव 2 अगस्त, 2024 को आयोजित किया। इस प्रदर्शिनी में छात्र-कलाकृति का मनमोहक प्रदर्शन किया गया, जिसका मूलमंत्र था- “विकसित भारत @ 2047” । जिसमें एक ऐसे राष्ट्र की कल्पना करने का सपना है, जहां सपने उड़ान भरें, सदैव चमकते रहें।यह प्रदर्शनी छात्रों की रचनात्मकता और कल्पनाशील कौशल को प्रदर्शित करता था। प्रदर्शनी के कला अनुभाग ने आलोचनात्मक सोच और भावनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने में कला शिक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। अपनी कल्पनाओं को विस्तार देते हुए विद्यार्थियों ने 300 से भी अधिक मॉडल तैयार किए, जिसमें सभी एक से बढ़कर एक थे। इस कार्यक्रम का आयोजन 21वीं सदी के कौशल से सम्पन्न विद्यार्थियों की बहु-आयामी सोच को आकार देने के उद्देश्य से भी आयोजित किया गया। जिसमें सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए श्रीमती डॉ. रीटा शर्मा, जो दिल्ली विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से मनोविज्ञान में एम.फिल और पीएचडी धारक, डॉ. शर्मा एक अनुकरणीय विद्वान हैं।
इनके अतिरिक्त शिक्षा निदेशालय में विज्ञान एवं टीवी शाखा के उप निदेशक डॉ. सुधाकर भीमराव गायकवाड़ जी, श्री बी.पी. पांडे जी (शिक्षा निदेशालय, जीएनसीटी दिल्ली), डॉ. नीलकमल मिश्रा, दक्षिण जिले के जिला समन्वयक, टीजीटी प्राकृतिक विज्ञान और राज्य शिक्षक पुरस्कार विजेता और श्रीमती भावना सावनानी, जीव विज्ञान की एक प्रतिष्ठित व्याख्याता, फुलब्राइट स्कॉलर और प्रतिष्ठित राज्य शिक्षक पुरस्कार विजेता ने भी इस समारोह की शोभा बढ़ाई। इस उपलक्ष्य पर बाल भवन पब्लिक स्कूल के गणमान्य व्यक्तियों डायरेक्टर श्री बी. बी. गुप्ता, चेयरमैन श्री जी. एस. ग्रोवेर, बाल भवन पब्लिक स्कूल स्वास्थ्य विहार की प्रधानचार्या श्रीमती रचना गुप्ता, विद्यालय प्रधानाचार्य श्री विविध गुप्ता, उप- प्रधानाचार्या श्रीमती नेहा गुप्ता, हेडमिस्ट्रिस श्रीमती कविता मेहरोत्रा की उपस्थिति में इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत से हुई। साथ ही विद्यार्थियों ने नृत्य जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर ही दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रीटा शर्मा और डॉ. सुधाकर भीमराव गायकवाड़ ने अपने बहुमूल्य वचनों द्वारा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।