
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रत्याशी डिंपल यादव के रोड शो से लौटते पार्टी कार्यकर्ता ने महावीर राणा प्रताप की प्रतिमा के अपमान से क्षत्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार रात से ही आक्रोशित रहे क्षत्रिय सुबह फिर धरना-प्रदर्शन पर उतर आए। मामले में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज कर तीन सपाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। मतदान से पहले सपाइयों का उत्पात भाजपा को बड़ा मुद्दा थमा गया। इससे सपा को नुकसान हो सकता है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया की कब्र पर फूल अर्पित करने वाले महाराणा प्रताप का अपमान कर रहे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी ने अखिलेश से माफी की मांग की है तो सपा ने घटना को भाजपा के बड़े नेताओं की साजिश बताया है।
अखिलेश ने पत्नी डिंपल के समर्थन में शनिवार को रोड शो किया था। रात लगभग नौ बजे रोड शो समाप्त होने के बाद लौटते सपा कार्यकर्ता महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर जूतों के साथ चढ़े और उनके हाथ में सपा का झंडा पकड़ा दिया। इसका वीडियो प्रसारित होने के बाद आक्रोश फैल गया। रात में पुलिस ने सौ अज्ञात सपाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। रविवार सुबह से ही सर्वसमाज के लोग प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन को पहुंच गए। यह मुद्दा पूरे ब्रज क्षेत्र में फैल गया। आगरा समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन शुरू हो गया।
इसी दौरान लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी ने सपा पर हमला बोला। कहा, 2012 में सपा ने अयोध्या में रामजन्मभूमि, काशी में संकटमोचन मंदिर, लखनऊ की कचहरी व रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हमला करने वाले आतंकियों के मुकदमों को वापस लेने का कुत्सित प्रयास किया था। माफिया की मौत पर संवेदना व्यक्त करने सपा प्रमुख उसके घर जाते हैं। महाराष्ट्र में राहुल गांधी ने मंच पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को लेने से इन्कार कर दिया था। स्पष्ट है कि ये लोग राष्ट्रनायकों का सम्मान नहीं, बल्कि आतंकियों, पाकिस्तान और माफिया का महिमामंडन करेंगे।
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