दिल्ली

‘रेमंड’ कंपनी को बुलंदी पर पहुँचाने वाला ये सख्श आज दर-दर भटकने पर है मजबूर

रेमंड को बुलंदी पर पहुंचाने वाले विजयपत सिंघानिया को दर दर भटकते देख उनके बेटे गौतम सिंघानिया होते है खुश

नई दिल्ली: ‘द कंप्लीट मैन’ से लेकर ‘फील्स लाइक हैवन’ जैसे बड़े ब्रांड रेमंड को बुलंदी पर पहुंचाने वाले विजयपत सिंघानिया अपने ही बेटे से मजबूरन हारकर बहुत ही अकेले और मायूस महसूस कर रहे है। हाल ही उन्होंने अपने इंटरव्यू में बताया कि यह कैसा बेटा है जिसे अपने ही बाप को दर दर भटकते देख ख़ुशी होती है।
बेटे को लोग बुढ़ापे की लाठी समझते हैं, लेकिन विजयपत सिंघानिया के लिए ऐसा नही रहा। साल 2015 में विजयपत सिंघानिया ने रेमंड की बागडोर गौतम के हाथों में सौंप दी। अपने सारे शेयर गौतम के नाम ट्रांसफर कर दिए। उन्होंने कहा संपत्ति और कारोबार हाथ में आते ही गौतम का रंग बदल गया। गौतम ने पिता को कंपनी और घर दोनों से बेघर कर दिया। बुजुर्ग पिता को दर-दर की ठोकर खाने के लिए घर से बाहर निकाल दिया। विजयपत ने कहा- ‘मेरे पास अब कुछ नहीं है। मैंने उसे सब कुछ दे दिया। गलती से मेरे पास कुछ पैसे बच गए थे, जिनसे मैं आज गुजारा कर रहा हूं। नहीं तो मैं सड़क पर होता। मेरे पास कभी कारो को काफिला और प्राइवेट प्लेन हुआ करता था पर आज पैदल चल रहा हूँ। रेमंड के एमडी गौतम सिंघानिया की पत्नी नवाज मोदी से तलाक पर विजयपत ने ये इंटरव्यू दिया।

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