
गरीब और असहाय की मदद करना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य
लखनऊ : गरीब और असहाय की मदद से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। हर सामर्थ्यवान व्यक्ति को गरीब व असहाय की मदद के लिए आगे आना चाहिए। इस प्रकार के कार्यों से व्यक्ति को खुशी तो मिलती ही है, साथ में पुण्य भी मिलता है। साधन संपन्न व्यक्ति से जितना हो सके, गरीब और असहाय की मदद करनी चाहिए। गरीबी कोई अभिशाप नहीं है। गरीब लोगों के मन में भी वही होता है, जो हम सबके है। ऐसे लोगों की छोटी सी मदद करके भी बड़ी खुशी और परम शांति का एहसास होता है।

इसी मंशा के निमित्त सराहनीय पहल करते हुए अभ्युदय संस्थान के लोगों ने मंगलवार को ख़्वाजा मोइनुद्दीन भाषा विश्वविद्यालय में कुलपति प्रोफेसर एन.बी. सिंह की उपस्थिति में आर्थिक रूप से निर्धन बच्चों को स्टेशनरी एवं बिस्कुट आदि का वितरण किया। इनमें से अधिकांश बच्चे विश्वविद्यालय के आस-पास बनी झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं। बच्चों को विश्वविद्यालय में बुलाकर उन्हें शिक्षा के द्वारा उनके जीवन स्तर को सुधारने एवं समाज के जागरूक नागरिक बनने के लिए बताया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाषा विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर डॉ नीरज शुक्ल, डॉ आर.डी. कार्यक्रम की संयोजिका डॉ.नलिनी मिश्रा एवं अभ्युदय संस्थान की कार्यकारी अध्यक्षा अंजला मिश्रा उपस्थित रहीं।