
सच्चर कमिशन एक बार फिर चर्चा में है। आखिर क्या था सच्चर कमीशन जो 2005 मे मनमोहन सिंह सरकार मे काँग्रेस लायी थी। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस इस देश का संसाधन मुसलमानो को इस कदर देना चाहती थी की 2005 में मनमोहन सिंह ने मुसलमानो को यह देश सौपने के लिए और हिंदुओं को बर्बाद करने के लिए सच्चर कमीशन बनाया। सच्चर कमीशन ने करीब 350 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को दिया था।
सच्चर कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार
1- मुसलमानो को दलित और ST क्लास में आरक्षण दिया जाए।
2- मुसलमान बच्चों की पढ़ाई फ्री हो, मुसलमान बच्चों को किताब कॉपी मुफ्त में दिया जाए।
3- एमबीबीएस इंजीनियरिंग और आईआईटी में मुसलमानो के लिए अलग से आरक्षण हो।
4- बैंक मुसलमान को बिना किसी गारंटी के लोन दें और यदि मुसलमान लोन न चुका सके तो बैंक उसे पर कोई कार्रवाई न करें।
5- राज्य सरकार बोर्ड निगम में ज्यादा से ज्यादा मुसलमान को लाने के लिए 30% सीट मुसलमान को दें।
6- केंद्र सरकार कानून बनाए जिससे सभी राज्य की विधानसभाओं में काम से कम 40% मुसलमानो को सीट रिजर्व किया जाए।
7- और केंद्र कानून बनाए जिससे संसद में दोनों सदनों में 30% मुस्लिम सांसद बनकर आए।
8- मुसलमानो को व्यापार करने के लिए हर शहरों में अलग इंडस्ट्रियल जोन बनाई जाए उनको मुफ्त में बिजली मिले और उन्हें 10 साल तक सभी टैक्स में माफ किया जाए ताकि वह अपना बिजनेस कर सकें।
9- मुसलमान लड़कियों की शादी में सरकार ₹500000 की मदद करें।
10- मुसलमानो को विदेश पढ़ने के लिए हर साल सरकार कम से कम 10000 मुसलमान बच्चों को स्कॉलरशिप दे।
11- मुस्लिम इलाकों में बैंक खोले जाए जो मुसलमान को मुफ्त में लोन दें मुसलमान के लिए अलग से ईट और पॉलिटेक्निक खोले जाएं जिसमें सिर्फ मुसलमान बच्चे पढ़ें।
12- जिस भी निर्वाचन क्षेत्र में मुस्लिम 20% से ऊपर हो उसे चुनाव क्षेत्र को दलित या आदिवासियों के लिए लोकसभा या विधानसभा के लिए रिजर्व ना किया जाए बल्कि उनको मुसलमान के लिए रिजर्व किया जाए।
14- मदरसों की डिग्री को डिफेंस, सिविल और बैंकिंग एग्जाम के लिए मान्य करने की व्यवस्था करना।
15- हर एक मुसलमान को सरकार निजी कार बाइक या कमर्शियल वाहन खरीदने के लिए बिना ब्याज के लोन दें।



